👉 चुड़ैल की कहानी “देवरानी बनी चुड़ैल” 🔥 Chudail Ki Kahani |

चुड़ैल की कहानी “देवरानी बनी चुड़ैल” का आरम्भ :-

चुड़ैल की कहानी
चुड़ैल की कहानी

दीपिका और रोनित शादी करके घर आते है। दीपिका घर आते ही सबसे पहले अपनी जेठानी सुमन के पैर छूने लगती है। पैर छूते ही सुमन कहती – खुश रहो! खुश रहो! पैर छूने से कोई संस्कारी नही बनता। घर का काम वगैरा तो आता है ना।

सुमन की ऐसी बात सुनकर सुमन का पति हँसने लगता है।दीपिका और रोनित अपने कमरे मे चले जाते हैं। रोनित दीपिका से कहता है कि भाभी की बात का बुरा न मानना।

दीपिका – नही जी! मुझे भाभी की एक भी बात का बुरा नही लगा।

वही दूसरी ओर सुमन का बेटा चिंटू जोरो से रोए जा रहा था। सुमन अपने बेटे को रोता देख उसे मारती है। वह ओर ज्यादा रोने लग जाता है। उसकी रोने की आवाज सुनकर दीपिका आती है तो दीपिका देखती है, सुमन अपने बेटे को मार रही थी, उसे मारते देख दीपिका सुमन से कहती है –

अरे भाभी! यह तो बच्चा है। इसको भूख लगी होगी इसलिए शायद रो रहा होगा। आप इसको मारो मत।
सुमन – तुम इसकी माँ नही, चाची हो। अपने बेटे को कैसे रखना है, यह मुझे खुद पता है। तुम्हे बताने की जरूरत नही।
दीपिका फिर चुपचाप अपने रूम मे चली जाती है।

एक दिन सुमन रोटी बना रही थी, वही दूसरी ओर दीपिका कपड़े धो रही थीं। तभी चिंटू रंगते हुए सुमन के पास आता है और जोरों से रोने लगता है। उसे रोते देख सुमन बोलती है – सुबह शाम बस रोना। काम भी करने नही देता यह लड़का। सुमन चिंटू को चुप कराने के बजाय उसको ऐसे ही रोने के लिए छोड़ देती हैं।

उसे रोता देख दीपिका से रहा नही गया। वो कपड़े छोड़कर आई और चिंटू को अपनी गोदी मे उठाकर अपने रूम मे ले गई। चिंटू अपनी चाची की गोद मे आराम से सो जाता हैं। इतने मे दीपिका का पति भी आ जाता है।

दीपिका – अरे यह भाभी! चिंटू को इतना मारती क्यूँ है?

रोनित – वो इसलिए कि मैने उनकी बुआ की लडकी से शादी न करके मैने आपसे शादी कर दी। भाभी आपको बिल्कुल भी पसंद नही करती। इसलिए आपका गुस्सा चिंटू पर निकालती हैं।

दीपिका – पर इस मासूम बच्चे की क्या गलती? छोडो यह सब आप चिंटू का ध्यान रखना।

दीपिका चिंटू को अपने कमरे मे सुलाकर बाहर कपड़े धोने के लिए चली जाती हैं।

चुड़ैल की कहानी “देवरानी बनी चुड़ैल” का मध्यान्तर :-

अगले दिन सुमन के फोन पर उसकी पुरानी सहेली का फोन आता हैं। वो बात करते करते चिंटू को अपने साथ छत पर लेकर चली जाती हैं। चिंटू को नीचे छोड़ खुद फोन पर बाते करने मे लग जाती हैं। तभी चिंटू चलते चलते छत के दीवार के पास चला जाता है। उसे वहाँ जाते देख दीपिका देख लेती हैं, दीपिका उसके पास दौड़ी हुई जाती है।

जैसे ही दीपिका चिंटू के पास जाती, सुमन अपना पैर उसके पैरो मे अड़ा देती हैं। जिससे दीपिका छत से नीचे गिर जाती हैं। नीचे गिरने के बाद दीपिका की तुरंत मौत हो जाती हैं। नीचे गिरने की आवाज सुनकर रोनित और सुमन का पति बाहर दोड़कर आते हैं,तो देखते है दीपिका नीचे गिरी हुई होती है और उसके सिर से काफी ज्यादा खून बह रहा था।

दीपिका को ऐसा देख रोनित काफी ज्यादा रोता है। रोनित दीपिका को हॉस्पिटल लेकर जाता है,पर वहाँ पर डॉक्टरो ने दीपिका को मृत घोषित कर दिया। फिर दीपिका की बॉडी का पोस्टमार्टम कराके घर भेज दिया। फिर रोनित और रोनित की फैमिली ने दीपिका का क्रिया कर्म करके उसकी बॉडी को जला देते है।

दीपिका को गुजर हुए लगभग 1 महिना हो जाता हैं। एक रात चिंटू बहुत जोरों से रो रहा था, पर सुमन उठने का नाम भी नही ले रही थी, बस मजे से सो रही थीं। दीपिका (चुड़ैल) बनकर आती है और सुमन के मुह पर पानी गिरा देती हैं। सुमन उठ जाती है और सोचती है उसके ऊपर पानी किसने गिराया।

इतना सोचकर इधर उधर देखती है ,पर उसे वहाँ कोई दिखाई नही देता। वही सुमन का पति भी सो रहा होता है। फिर वो चिंटू को दूध पिलाकर सुला देती है। सुबह होती है तो सुमन अपने पति से पूछती है – सुनो जी! क्या रात को आपने मेरे मुह पर पानी डाला था क्या?

सुमन का पति – नही तो। मैं तो रात को उठा तक नही।

इतना सुनकर सुमन अपने काम पर लग जाती हैं। काम करते करते वो थक जाती हैं। थकी होने के कारण वो सोफे पर ही सो जाती है। चिंटू को भूख लगने के कारण वो जोर से रोने लगता है, पर सुमन तो उठती भी नही। चिंटू को रोते देख दीपिका(चुड़ैल) आ जाती है और बोलती है – कैसी हैं यह औरत!

अपने बेटे को ऐसा भला कौन छोड़कर मजे से सोता है। इसको तो मैं सबक सिखाती हूँ। इतना कहकर वो सुमन को सोफे से धक्का देकर नीचे गिरा देती हैं। नीचे गिरने से सुमन उठ जाती है और बोलती है- मुझे किसने गिराया? कौन है यहाँ पर?

सुमन अपने बच्चे को ढूँढने लगती है और बोलती है – आय मेरा बच्चा! कहाँ गया?अभी तो मेरे पास यहाँ खेल रहा था। सुमन अपने कमरे मे जाती है तो देखती है। उसके कमरे मे चिंटू पलंग पर आराम से सो रहा था। उसके बच्चे को चुड़ैल (दीपिका) सुलाकर गई थीं। सुमन तो यह सब अजीब लगने लगता है। क्योंकि उसके घर मे उसके अलावा कोई नही था। चिंटू खुद चढ़कर तो पलंग पर नही सो नही सकता। आखिर किसने सुलाया?

यह भी जरुर पढ़े :-

ऐसे ही मजेदार कहानियां अगर आप instagram पर पढना चाहते है

तो आप हमारे instagram पेज @Sirf_Horror को Follow कर सकते है |

अगले दिन तीनो (सुमन और सुमन का पति,रोनित) डाईनिंग टेबल बैठकर खाना खा रहे थे। तभी चिंटू टेबल मे बैठा हुआ सुमन की थाली नीचे गिरा देता है। इससे सुमन को बहुत गुस्सा आता है और बोलती है – परेशान कर रखा है इस लड़के ने। इतना कहकर वो चिंटू को मारने लगती हैं।

चिंटू को मारते देख दीपिका(चुड़ैल) आती है और सुमन के गालों पर जोरों से थप्पड जाड़ने लगती हैं। रोनित और सुमन का पति यह सब देखकर हैरान हो जाते हैं। रोनित दीपिका से कहता है – दीपिका तुम चुड़ैल कैसे बनी?

सुमन का पति – हाँ। हमने तो तुम्हारा क्रिया कर्म किया था। तो तुम चुड़ैल कैसे बनी?

दीपिका (चुड़ैल) – भैया! मै मरी नही गई थी, मुझे मारा गया था। भाभी ने मुझे छत से धक्का देकर नीचे गिराया था।

रोनित – भाभी आपने मेरी दीपिका को मारा था। दीपिका तुम चिंता मत करो। मैं अभी पुलिस स्टेशन जाता हूँ और भाभी के खिलाफ केस दर्ज कराता हूँ।

सुमन का पति – अरे ऐसा मत करो रोनित! दीपिका तुम ही रोनित को समझाओ। अगर सुमन जेल चली जायेगी, तो चिंटू का ख्याल कौन रखेगा?

सुमन- दीपिका और रोनित मुझे माफ कर दो। मुझसे गलती हो गई, पर मुझे जेल मत भेजो।

दीपिका(चुड़ैल) चिंटू की तरफ देखते हुए बोलती है – ठीक है! रोनित पुलिस स्टेशन नही जाएगा। पर भाभी को वादा करना होगा, वो चिंटू का ख्याल रखेगी। उसे कभी मारेगी नही।

सुमन – मै वादा करती हूँ। मैं चिंटू का ख्याल रखूंगी।

दीपिका(चुड़ैल) रोनित की तरफ देखकर रोने लगती है और बोलती – इस जन्म मे हमारा साथ नही लिखा था। पर अगले जन्म मे मै तुम्हारी पत्नी बनकर आउंगी। इतना कहकर दीपिका को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है।

चुड़ैल की कहानी “देवरानी बनी चुड़ैल” का अंत :-

👉 आप चाहे तो हमारी यह कहानियां भी पढ़ सकते हैं  :- 

आवश्यक सुचना :- यह चुड़ैल की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है यह कहानी किसी भी अन्धविश्वास को बड़ावा देने के लिए नही लिखी गयी है इन्हें सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है |

Leave a Comment