👉 Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot – 1 भूतों की लिफ्ट

दोस्तों इस Bhutiya kahani में आप एक Lift Wala Bhoot के बारे में मजेदार कहानी पढ़ेंगे यह Bhutiya kahani आपको जरुर पसंद आएँगी और इसका अंत तो आपको दीवाना बना देंगा तो चलिए शुरू करते है हमारी Bhutiya kahani को .

Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot
Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot

👉 Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot -भूतों की लिफ्ट का आरम्भ :

एक सरिता नाम की लड़की होती है। जो नेहरू कालोनी की किसी बिल्डिंग मे रहती थी। उसका फ्लैट 10वी मंजिल पर था। वो लिफ्ट के सहारे नीचे आती और जाती है। एक दिन सरिता भागकर लिफ्ट के अंदर जाती है नीचे जाने के लिए बटन दबाती है। लेकिन उस लिफ्ट मे पहले से मोजूद उसके पड़ोस दादी थी। वो दादी सरिता को बोलती है सरिता बेटा आज शायद तुम थोड़ी लेट हो गई हो। फिर सरिता बोलती है जी दादी! ऑफिस का प्रोजेक्ट तैयार करते करते रात के पता नही कब 2 बज गए। पता भी नही चला?इसलिए थोड़ा लेट हो गई।

सरिता का फ्लैट 10वी मंजिल पर होने के कारण लिफ्ट का इस्तेमाल कर रही थी। जैसे लिफ्ट धीरे धीरे नीचे जा रही थी। तो आम दिन की तुलना मे आज लिफ्ट मे कुछ ज्यादा आवाज आ रही थी। सरिता दादी को बोलती है – दादी!

जाते समय वॉचमेन को बताती हु,लिफ्ट रीपेरिंग करने वालो को बुलाकर लिफ्ट को ठीक करे। कुछ ज्यादा ही आवाज आ रही है। फिर लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर पहुँची। दोनो लिफ्ट से बाहर निकलकर ग्राउंड मे कुर्सी पर बैठे वॉचमेन के पास जाती है। वॉचमेन को लिफ्ट के बारे मे शिकायत करती है।

फिर वॉचमेन बोलता है – देखिए मैडम! आपने पानी की टंकी के बारे मे शिकायत की वो मैने साफ करा दी। फिर आपने बिजली की शिकायत वो भी मैने ठीक करा दी।

सरिता – अरे यह आपकी ड्यूटी है। वैसे पिछले दो हफ़्तों से लिफ्ट के बारे मे शिकायत कर रही हूँ। अब तो कुछ ज्यादा ही आवाज कर रही है। आज के आज लिफ्ट रीपेरिंग वालो को बुलाओ और इस लिफ्ट को ठीक कराओ।

वॉचमेन- मैडम! यह मैने दो दिन पहले ही यह ड्यूटी जॉइन की हूँ। फिर भी मै देखता हूँ।

सरिता – अच्छे से अपनी ड्यूटी पूरी करो। वरना मै मैनेजर वालो से बात करके तुम्हे किसी भूतिया जगह पर ड्यूटी लगाने के लिए बोल दूँगी।
वो चुपचाप हैरान होकर खड़ा रहा।

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सरिता और दादी वहाँ से चले जाते हैं। सरिता अपने ऑफिस चली जाती है। सरिता ऑफिस के काम करने मे इतनी व्यस्त थी। उसे पता भी नही चला रात के 10 बजे गए। जल्दी से अपना सारा काम खत्म करके ऑफिस के बाहर आ जाती है। और बस का इंतज़ार करने लगती है। आस पास देखती है रोड एकदम सुनसान थी। थोड़ी देर बाद वहाँ से ऑटो गुजरता है उसे रोक कर उसमे बैठ जाती है। और अपने घर की ओर चल देती है।

ऑटो वाला उसे उसकी बिल्डिंग के पास छोड़ देता है। सरिता ऑटो वाले को पैसा पकड़ाकर अपनी बिल्डिंग के गेट के अंदर चली जाती है। वहाँ पर उसे वॉचमेन की कुर्सी खाली दिखाई देती है। यह देखकर सरिता को बहुत गुस्सा आता है। फिर बोलने लगती है शराब पीने के लिए गया होगा, पीकर कही पर पड़ा होगा। इस वॉचमेन की शिकायत करने पड़ेगी। यह सोचते सोचते वो लिफ्ट के पास चली जाती है और 10वी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट का बटन दबाती है। और फिर लिफ्ट के अंदर चली जाती है और जैसे ही वो बटन का लिफ्ट दबाने लगती है।

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अचानक से वॉचमेन अंदर आ जाता है। यह देखकर सरिता एकदम से सुन्न हो गई। उसे इस तरीके से अंदर देख वो पीछे हट गई। अगले ही पल उसने खुद को संभाल दिया।
वॉचमेन ने लिफ्ट का बटन दबाकर दरवाजा बन्द कर दिया। सरिता के सामने गुस्से से देखकर बोलता है – मैडम अब तो लिफ्ट मे आवाज नही आ रही है ना।
सरिता वॉचमेन की इस हरकत को देखकर बोलती है – यह क्या तरीका है।

वॉचमेन उसका कोई भी जवाब नही देता बस एक ही चीज बार बार कह रहा था। मैडम अब तो लिफ्ट मे आवाज नही आ रही है ना। साथ मे वो लिफ्ट मे कूद रहा था। कूद- कूद कर वही लाइन बोल रहा था।

यह सब देखकर सरिता और ज्यादा डर जाती है। लिफ्ट के कोने मे जाकर खड़ी हो जाती है। फिर लिफ्ट 10वी मंजिल पर पहुँचती है तो सरिता लिफ्ट से भागकर अपने रूम की तरफ जाने लगी। सरिता जैसे ही अपने रूम के पास जाती है। वो पीछे मुड़कर देखती है वो वॉचमेन उसे ही देख रहा था। फिर सरिता अपने रूम की चाबी निकालकर रूम का दरवाजा खोल देती है। वो फटाफट अंदर जाकर अपने गेट के पास खड़ी हो गई।

Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot
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थोड़ी देर बाद वो अपना दरवाजा खोलती है और लिफ्ट की तरफ देखने लगी, लेकिन वहाँ उसे वॉचमेन दिखाई नही देता है। वो थोड़ा शांत हो जाती है। वो इतना ज्यादा थकी हुई थी, उसने सोचा कि थोड़ी फ्रेश हो जाती है। ताकि यह थोड़ी थकान कम हो जाए। सरिता नहाने के लिए चली जाती हैं। नहाने के बाद सरिता खाना खाकर सोने के लिए अपने रूम मे चली जाती है।

रूम मे जाते वक्त उसे वॉचमेन का ख्याल आया। अपने रूम का पर्दा हटाकर वॉचमेन को देखना चाहा। जैसे ही उसने रूम का पर्दा हटाया, तो उसने देखा कि वॉचमेन उसकी ही मंजिल की तरफ एक टक देख रहा था। यह सब देखकर सरिता को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ गया। गुस्से मे आकर बोलती है मैनेजमेंट से बात करके इसकी कल सुबह शिकायत करनी पड़ेगी। मुझे डराने की कोशिश कर रहा है। कल इसकी नौकरी गई। इतना कहकर वो सो जाती है।

सुबह होती है। सरिता ऑफिस जाने के लिए तैयार हो जाती है। तैयार होकर जैसे ही लिफ्ट की तरफ जा रही थी, तभी पीछे से उसको एक आवाज आती है रुको सरिता! सरिता पीछे मुड़कर देखती है तो उसके सामने दादी होती है। जो उसके पड़ोस मे रहती हैं। सरिता दादी को बोलती है – क्या हुआ? दादी.

Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot
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दादी बोलती है – सरिता यह लिफ्ट खराब है। कल दोपहर को वॉचमेन और रिपेयरिंग वाला लिफ्ट को ठीक कर रहे थे। तभी उनके साथ हादसा हो जाता है। वो दोनों उस हादसे मे मर जाते है।

यह सुनकर सरिता की हालत खराब हो जाती है। और वो वही गिर जाती है। दादी उसे होश मे लाने की कोशिश करती है। जब सरिता को होश आता है, पूरी घटना अपनी पड़ोस दादी को बताती है। दादी को बोलती है,यह कैसे हो सकता है, कल ही तो मैने उसको देखा। सरिता ने एक पल न गवाए यह फैसला लेती है वो इस बिल्डिंग को छोड़कर चली जाएगी। अगले ही दिन उस बिल्डिंग को छोड़कर चली जाती हैं। कभी भी मुड़कर इस बिल्डिंग की तरफ नही देखा।

👉 Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot -भूतों की लिफ्ट का समापन :

दोस्तों उम्मीद करता हूँ की यह Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot आपको पसंद आई होंगी और काफी मजेदार लगी होंगी तो हम जल्द ही मिलते है अपनी अगली कहानी में .

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आवश्यक सुचना :- यह Bhutiya kahani | Lift Wala Bhoot पूरी तरह काल्पनिक है यह सारी कहानियां किसी भी अन्धविश्वास को बड़ावा देने के लिए नही लिखी गयी है इन्हें सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है |

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