Bhutiya Story in Hindi – 1 Bhutiya Kahani

दोस्तों इस कहानी ( Bhutiya Story in Hindi – 1 Bhutiya Kahani  ) आप राघव नाम के लड़के की कहानी पढेंगे, यह कहानी ( Bhutiya Story in Hindi – 1 Bhutiya Kahani ) आपको जरुर पसंद आएँगी तो चलिए शुरू करते है हमारी यह Bhutiya Story in Hindi – 1 Bhutiya Kahani |

Bhutiya Story in Hindi
Bhutiya Story in Hindi

Bhutiya Story in Hindi – 1 Bhutiya Kahani का आरम्भ :

यह कहानी एक लड़के की है, जिसका नाम राघव होता है। जो टीचर की तैयारी करता था। एक दिन उसे अपनी ड्रीम जॉब मिल जाती है। उसे कोटा के एक प्रसिद् सस्था मे टीचर सकांय मे रोल मिला था। वो अपना जॉब का ऑफर लेटर मिलते ही कुछ दिनों मे कोटा पहुँच गया। पर दिक्कत की यह बात थी कि उसे वहाँ रहने के लिए फ्लैट नही मिल रहा था। क्योंकि वो एक बेचलर था, इसलिए ज्यादातर लोग उसे फ्लेट देने से कतराते थे।

4 दिन हो गए, पर राघव को कही पर फ्लैट नही मिलता। लेकिन आखिरकार एक ब्रोकर की मदद से उसे एक फ्लैट मिल जाता है। अजीब बात यह थी जहाँ उसे एक बेचलर के कारण फ्लैट नही मिल रहा था, उसे वहाँ आसानी से मिल गया। ज्यादा न सोचते हुए राघव वो फ्लैट ले लेता है। शुरुआत के कुछ दिन तो बहूत अच्छे बीते,आस पास लोगों से भी अच्छी खासी जान पहचान बना दी। अपना काम बड़ी उत्साहिक से कर रहा था।

रोज की तरह राघव लेकचार खत्म करके घर पहुंचा। थकान होने के कारण राघव सो जाता है। उस रात ऐसा हुआ कि कोई भी सोच नही सकता। राघव सो रहा था, उसे लग रहा था अचानक से कोई उसके ऊपर आकर बैठ गया है। राघव को ऐसा लग रहा था उसका चेहरा एकदम मेरे चेहरे के बहुत करीब था। इतना करीब था कि उसकी सासे भी उसके चेहरे पर महसूस हो रही थी। राघव की बेचैनी बढ़ने लगी। अचानक वो हड़पड़ाते हुए उठ गया। बेड से भागते हुए अपने रूम की लाइट जलाई।

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पर उसके कमरे मे राघव अलावा और कोई भी नही था। राघव को उसने कोई बुरा सपना देखा होगा। उसके रूम की खिड़किया खुली हुई थी,उसके रूम एकदम से ठण्डा पड़ गया। उसका शरीर पसीने से तर तर होने लग गया। राघव ने फिर घड़ी की ओर देखा उसमे 2:30 बज रहे थे। उसकी आँखों से नींद भी गायब हो गई। नींद न आने के कारण वो स्टडी टेबल पर किताब खोलकर बैठ गया। अपनी कल की क्लास की तैयारी करने लगा। लेकिन कुछ ही देर मे उसको यह महसूस होता है

कि उसके पीछे एक काला छाया सा कुछ मडरा हो। विनीत पीछे मुड़कर देखता है,तो उसे कुछ भी दिखाई नही देता है। लेकिन उसे बार बार यह महसूस हो रहा था, उसके पीछे कोई खड़ा है। इन सब के कारण न राघव पढ़ पाता है, और न ही सो पाता है।

राघव की अगली रात भी ऐसी बीती। हर रात को फिर वही सपना देखता। डर के मारे उठ जाता। पूरी रात घबराहट मे बिता देता। फिर उसको यह लगने लगता है,वो शायद थोड़ा पागल हो रहा है। एक रात जब राघव घर आया तो उसने देखा, उसकी सारी किताबे बूकसेल्फ से गिरी पड़ी थी। नोटोस पर इंक फैली हुई पड़ी थी। यह सब देखकर राघव डर गया। फिर उसने देखा उसके रूम की खिड़की खुली हुई थी, जिससे तेज हवा आ रही थी। राघव को लगा शायद हवा के कारण गिर गई होगी।

राघव फिर अपनी सारी बुक ठीक करने लग गया। तभी उसको लगा उसके पीछे कोई है। उसने पीछे मुड़कर देखा तो उसके कमरे के दरवाजे के पास एक 16 साल की लड़की खड़ी थी।

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Bhutiya Story in Hindi – 1 Bhutiya Kahani का मध्य : 

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Bhutiya Story in Hindi -Bhutiya Kahani Part = 2

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आवश्यक सुचना :- यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है यह कहानी किसी भी अन्धविश्वास को बड़ावा देने के लिए नही लिखी गयी है इन्हें सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है |

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