1 Chudail ki Bhutiya kahani | चुड़ैल का बदला

दोस्तों इस Chudail ki Bhutiya kahani में आप सभी का स्वागत है हमारी यह कहानी एक गाव की है जहाँ एक लडकी के साथ कुछ ऐसी अनहोनी होती है जिसके कारण वो एक चुड़ैल में बदल जाती है फिर कहानी में आगे क्या हुआ यह तो आपको हमारी यह Chudail ki Bhutiya kahani  पढ़कर ही पता चलेंगा, मैं उम्मीद करता हूँ की यह कहानी आपको पसंद आएँगी |  ऐसी ही मजेदार Bhutiya Kahani रोजाना पढने के लिए आप हमे Instagram पर भी Follow कर सकते हैं |

Chudail ki Bhutiya kahani
Chudail ki Bhutiya kahani

Chudail ki Bhutiya kahani का प्रारंभ :

बहुत समय की बात है। एक कल्यानपुर नाम एक गाँव था। उस गाँव मे सुरेश नाम का आदमी रहता था। सुरेश की शादी उस गाँव की गीता नाम की लड़की से शादी हुई थी। लेकिन सुरेश को वो लड़की बिल्कुल भी पसंद नही थी। ऐसे मे कुछ साल गुजर जाते थे। इन्हीं सालों में गीता एक बच्चे को जन्म देती है। गीता को लगता था कि अब बच्चा होने के बाद शायद सुरेश उससे पसंद करने लगेगे वो एकदम बदल जाएगें। लेकिन ऐसा कुछ नही होता सुरेश तब भी गीता को खूब मारता था। साथ ही वो अपने बच्चे को भी बिल्कुल प्यार भी नही करता था।

एक दिन सुरेश गीता को ऊँचे स्वर से आवाज लगाता है – गीता आय गीता कहा मर गई बाहर निकल।

गीता जवाब देते हुए- जी क्या हुआ जी? मैं चिंटू को सुला रही हु। उसकी आज बहुत तबीयत है।

सुरेश – तुझे बस चिंटू के तबियत के बहाने आराम करना है। चल मुझे जल्दी से अलमारी से पैसे निकालकर दे।

गीता – जी वो पैसे तो चिंटू के दवाईखाने के पैसे हैं। घर में वही बस पैसे बचे हैं। मै आपको वो पैसे नही दे सकती।

सुरेश – तेरी इतनी हिम्मत मेरे से जुबान लड़ाएगी। चुपचाप वो पैसे मुझे लाकर दें।

गीता – मैं आपको वो पैसे नहीं दूंगी चाहे कुछ भी हो जाए।

सुरेश – तेरी इतनी हिम्मत, रुक तुझे तो मैं अभी बताता हूं। देखता हूं वो पैसे कैसे नही देती है मुझे।

रमेश गुस्से मे आकर अंदर जाता है और अलमारी खोलता है। उस अलमारी से पैसे निकालने लगता है। गीता घबराए हुए सुरेश को रोकती है। इससे सुरेश को गुस्सा आ जाता था। गुस्से मे आकर कोने मे पड़ा एक डंडा उठाता है गीता को बुरी तरीके से पीटने लगता है।

गीता(चोटिल हुई)कहती हैं – मुझे मत मारो जी, छोड़ दो मुझे, मत मारो मुझे। (दर्द से कहराते हुए)

सुरेश – आज तो मैं तुझे मारकर ही खत्म कर दूंगा।

सुरेश गीता को इतने बुरे तरीके से मारता है कि जिससे गीता बेहोश हो जाती है। सुरेश गीता को घर से खिचकर खेत में ले जाता हैं।

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इसी बीच रास्ते में एक आदमी यह सब देखता हैं और बोलता – अरे सुरेश तुम पागल हो गए हो क्या? यह तुम क्या कर रहे हो अपनी पत्नी के साथ?

सुरेश उस आदमी को बोलता है तु अपना काम कर ना। अगर तू या कोई भी बीच मे आएगा तो मै उसको भी डंडे से मार मार कर ऐसी हालत बना दूंगा। वह आदमी बोलता है अब तो लोगो को कुछ बोलना भी गुनाह हो गया है। पास मे खड़ी एक औरत बोली – अरे भैया रहने दो। आजकल किसी के घर के मामलों में बोलना भी नहीं चाहिए, जो हो रहा है उसे होने दो।

वो लोग वहाँ से चले जाते है। सुरेश गीता को खेत में फेंककर आ जाता है। यह सब देखते हुए गांव का कोई भी आदमी उसे कुछ नहीं बोलता है। सुरेश अपने बच्चे को भी घर से उठाकर गीता के पास में छोड़ देता है। गीता के शरीर पर बहुत ज्यादा चोट लगी होती है उससे उसके शरीर से खून बह रहा होता है। साथ ही उसका बीमार बच्चा उसके बगल में रो रोकर बुरा हाल हो जाता है। गीता के शरीर से बह रहा खून की खुशबू से चील आकर इकट्ठा हो गए थे। उसके शरीर के हर हिस्से को नोच नोच कर खाने लगे। जिससे गीता मर जाती है। सुरेश को अपने पत्नी और बच्चे के मरने का कोई दुख नही हुआ। कुछ साल बाद वो दूसरी शादी भी कर देता है।

एक दिन जब खेतों में कुछ लोग काम कर रहे थे। तब एक औरत अपने पति को बोलती है -सुनो जी मैंने पिंटू को पेड़ के नीचे सुला दिया है। आप थोड़ा उसका ध्यान रखना। मैं यह पालक काट कर आती हूं।

वह आदमी कहता है ठीक है मे ध्यान रख दूंगा। और रानी पालक काटने के लिए चली जाती है। किशनलाल पानी पीने के लिए कुए के पास चला जाता है। तभी उसका बेटा पिंटू उठ जाता है उठकर बैठ जाता है और मिट्टी में खेलने लगता है। तभी उसके पास एक औरत आ जाती है।

तभी रानी देखती है उसके बेटे के पास एक औरत खड़ी है मन मे सोचती है यह औरत कहां से आ गई? और वह अपने पति को आवाज देती है – पिंटू को उस औरत से दूर करो जल्दी। तभी किशनलाल अपने बेटे को उस औरत से छीनने लगता है।

फिर वो औरत डरावनी चुड़ैल रूप में बदल जाती है। रानी और किशनलाल उस चुड़ैल देखकर बहुत ज्यादा घबरा जाते हैं।

तभी रानी बोलती है – हे भगवान यह सब क्या है? वह अपने पति को बोलती है आप पिंटू को यहाँ से लेकर चलो।

किशनलाल बोला – रुको मैं कुछ करता तुम थोड़ा शांत रहो।

फिर वो चुड़ैल बोली – मैं इस बच्चे को उठाकर अपने साथ लेकर जा रही हूं।

रानी(घबराए हुए बोलती)- अरे आप ऐसा मत करो,मेरे बच्चे को मुझसे दूर लेकर मत जाओ….

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रानी चिल्लाती रही और किशनलाल सिर्फ दिखता रह जाता है। वो चुड़ैल पिंटू को अपने साथ लेकर चली जाती है। रानी और किशनलाल रोते रोते उस चुड़ैल के पीछे पीछे भागने लगते हैं… और बोलते है कि अरे मेरा बच्चा, वो चुड़ैल मेरे बच्चे को लेकर जा रही है, अरे कोई तो आओ,मेरे बच्चे को बचाओ, हाय मेरा बच्चा, मेरे बच्चे को बचाओ। किशनलाल भी बोलता है अरे कोई तो आओ,इस चुड़ैल से मेरे बच्चे को बचाओ, यह मेरा लेकर जा रही है, हे भगवान पता नही क्या करेगी मेरे पिंटू के साथ। यह सब सुनकर आस पास के लोग भी उस चुड़ैल को देखते हैं और यह सब देखकर उन्हे अपनी आंखों पर यकीन नहीं होता।

Chudail ki Bhutiya kahani का अन्तराल :

आस पास के लोग बोले – हे भगवान! इतनी बड़ी चुड़ैल। कहाँ से आई यह। हमने ऐसी चुड़ैल तो कभी नहीं देखी और यह तो बच्चा तो किशनलाल का है। यह बच्चे को लेकर के पता नहीं कहां जा रही है? भगवान ही बचाए इस चुड़ैल से बच्चे को।

अचानक वो चुड़ैल पिंटू को लेकर पता नहीं कहां ही गायब हो जाती हैं। वहाँ खड़े लोग देखते रह जाते है और कोई कुछ भी नहीं कर पाता। यह पूरी घटना गांव में तेजी से फैल जाती है। यह घटना सुनकर गाँव वालो के अंदर डर बैठ जाता है। कहीं वो चुड़ैल दोबारा ना आ जाए। हमारे बच्चे को लेकर चली न जाए।

अगले ही दिन वो चुड़ैल वापस आती है। वो देखती है कि एक छोटा सा बच्चा अपने घर के आंगन में चारपाई पर सो रहा है। तो वह चुड़ैल उसके पास जाती है। चुडैल के पैरो की आवाज सुनकर उसकी दादी बाहर आती है

और देखती है वो चुड़ैल उसके पोते के पास खड़ी हैं। वो दादी चिल्लाती है – अरे देखो यह चुड़ैल आ गई…. यह मेरे पोते को अपने साथ लेकर चली जाएगी। अरे कोई तो आओ मेरे पोते को बचाओ। वो दादी बड़ी ही बुजुर्ग होती है कि जब तक वो अपने पोते के पास जाकर उसे उठाती। तब तक वो चुड़ैल उसके पोते को लेकर वहां से गायब हो जाती है।

Chudail ki Bhutiya kahani
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दिन-ब-दिन यह घटनाये और ज्यादा होने लगी। गाव वाले उस चुड़ैल के डर से बहुत ज्यादा चिंतित मे पड़ गए। लोगों के मन में इतना डर बैठ गया था कि वह अपने बच्चो को एक पल के लिए अकेला छोड़ नही पाते, उन्हे घर से बाहर निकालना ही बंद कर दिया।

एक दिन सुरेश अपनी दूसरी बीवी से उस चुड़ैल के बारे में बता रहा था। और उससे पूछ रहा था अरे रीना यह बात सच है क्या? गाँव मे कोई चुड़ैल आती है वो बच्चों को उठा उठा कर अपने साथ लेकर जाती है।

रीना(लंबी सास भरते हुए) – जी यह बात एकदम सच है जी, पता नही कहा से यह चुड़ैल आती है और कितने बच्चों को अपने साथ उठाकर ले जाती है। सुनो जी हमारा बच्चा भी बस अभी 6 महीने का है। मुझे तो उस चुड़ैल से बहुत ही डर लग रहा है, कही वो हमारे बच्चे को लेकर ना जाए। वैसे मैने सुना है कि उस चुड़ैल की नजर बहुत ही तेज है।

सुरेश – अरे रीना तुम परेशान मत हो, मेरे होते हुए हमारे बच्चे को कोई भी भूत या चुड़ैल छु भी नही सकती।

एक दिन सुरेश और अपनी पत्नी अपने बच्चे के साथ छत पर बैठे होते है तभी अचानक से चुड़ैल आती है उसके बच्चे के जाकर बैठ जाती है। यह सब देखकर रीना बोलती है हे भगवान! यह चुड़ैल कहां से आई। तभी चुड़ैल उसके बच्चे को अपनी गोद मे ले लेती है। उसे देखती रहती है।

रीना(घबराए हुएबोलती है) – अरे मेरे बच्चे को छोड़…हमे जाने दे। हमने तेरा क्या बिगाडा है?

फिर चुड़ैल(जवाब देते हुए) – मुझे तो तुम्हारे इसी बच्चे का ही तो सबसे ज्यादा इंतजार था।

रीना(सुरेश की ओर देखते हुए)- अरे यह हमारे बच्चे को लेकर जा रही है। बचाओ हमारे बच्चे को।

सुरेश(कापते हुए) – अरे चुड़ैल! छोड़ दो मेरे बच्चे को…. क्या किया हमने ऐसा? जो तु मेरे बच्चे को लेकर जा रही है? भगवान के लिए छोड़ दे मेरे बच्चे को।

चुड़ैल(सुरेश की ओर गुस्से से देखती हुए) – इतना तरस अपने दूसरे बच्चे पर तुझे कभी नहीं आया।

इतना कहकर फिर वो चुड़ैल उस बच्चे को लेकर वहां से गायब हो जाती है। फिर सुरेश और रीना रोते और चिल्लाते रहते है।

सुरेश अपनी पत्नी को बोलता है कि कुछ भी जाए मे हमारे बच्चे को लेकर आऊगा। कही से भी ढूंढकर हमारे पास लाऊँगा। सुरेश गाँव वालों को एकत्रित करता है। और कहता है कि हमे उस चुड़ैल को पकड़ना ही होगा। आखिर हम लोग कब तक हमारे बच्चे को घर मे कैद करके रखेगे।

गांव वाले लोग- सुरेश भैया पर हम कर भी क्या सकते हैं? हमे नही पता उस चुड़ैल से कैसे निपट सकते है?

सुरेश – हमे उस चुड़ैल के लिए एक बहुत बड़ा जाल बिछाना होगा। ताकि वो चुड़ैल इस जाल मे फसे और हम उसे पकड़ सके। सुरेश की बातों से सभी गांव वाले सहमत होते हैं। वो चुड़ैल के लिए एक जाल बिछा देते हैं। फिर गाँव वाले अपने बच्चों को खेलने के लिए बाहर छोड़ देते है। तभी शाम को चुड़ैल आती है। वो गाँव के लोगो द्धारा बिछाए गए जाल मे फस जाती है उसे पकड़ लेते है।

Chudail ki Bhutiya kahani
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चुड़ैल – मुझे छोड़ दो,जाने दो मुझे…

सुरेश(हँसते हुए)- हम तुझे नही छोड़ेगे। तु यह बता तूने हमारे बच्चों के साथ क्या किया है? वो कहाँ पर हैं? यह सब सच-सच बताना।

चुड़ैल- अच्छा! तूने जो मेरे साथ और मेरे छोटे बच्चे के साथ किया था वही मैने तुम्हारे बच्चे के साथ किया।

सुरेश – मैं..? मैंने तेरे और तेरे बच्चे के साथ क्या किया? जरा बताना तो?

चुड़ैल – क्यु तुझे याद नही किया? याद कर तूने मेरे और मेरे छोटे बच्चे के साथ क्या किया था। तूने मुझे और मेरे बच्चे को मरने के लिए छोड़ दिया था। फिर चील आकर हमें नोच नोच कर खा गए थे।

सुरेश – क्या तुम मेरी पहली पत्नी गीता हो क्या?

चुड़ैल – हाँ….मैं गीता हूं जो तूने मरने के लिए छोड़ दिया था। और अब मै मरने के बाद चुड़ैल मे बदल गई। उसके बाद से ही मै तुमसे और इन सभी गावों वालों से बदला लेने के लिए आई हूं। क्योंकि किसी ने मुझे और मेरे छोटे बच्चे को बचाने के लिए नही आए न ही उन्होंने प्रयास किया।

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सुरेश – गीता मुझे माफ कर दे…मै तेरा हत्यारा हू। मैने तेरी जान ली है। तु मुझे मार दे। इन बच्चो ने तेरा क्या किया? गलती मैने की। तु मुझे मारकर अपना बदला पूरा कर दे। इन सभी बच्चो को छोड़ दे।

सभी गांव वाले – हाँ गीता! हमे तु माफ कर दे। हमसे बहुत बहुत बड़ा पाप हुआ है। हमने तुम्हे और तेरे बच्चो को नही बचाया। तुम लोगो को मरने के लिए छोड़ दिया था। हमसे बहुत बड़ा अपराध हुआ। गीता हमे माफ कर दे। हमारे बच्चे हमे लोटा दे।

चुड़ैल कहती – तुम सभी मेरे साथ चलो।
सभी गाँव वाले और सुरेश चुड़ैल के बताए हुए जगह पर जाते है और देखते है। जो बच्चे गायब थे, वो सभी वहाँ पर हसी खुशी से खेल रहे थे।

चुड़ैल – मैंने तुम सभी के बच्चे मारा नही है। मै एक माँ हु। जानती हु अपना बच्चा खोना क्या होता है? मै बस आप सभी को सबक सिखाना चाहती थी।

सुरेश रोता हुआ अपने बच्चे को गले लगा लेता है। बाकी सभी गाँव वाले भी अपने बच्चो को देख कर बहुत ही रोने लगते है। सुरेश की पत्नी रीना बोलती है गीता हमे माफ कर दे। यह सब देखकर चुड़ैल ने सभी को माफ कर दिया।

Chudail ki Bhutiya kahani का समापन :

तो दोस्तों आपका हमारी यह Chudail ki Bhutiya kahani पढने के लिए धन्यवाद प्लीज एक कमेंट करके जरुर बताये की आपको यह कहानी कैसी लगी, आपको सिर्फ एक सेकंड लगेंग लेकिन इससे मेरा दिन बन जायेंगा तो एक कमेंट जरुर करें .

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आवश्यक बात :- Chudail ki Bhutiya kahani ( चुड़ैल का बदला ) पूरी तरह काल्पनिक है यह कहानी किसी भी अन्धविश्वास को बड़ावा देने के लिए नही लिखी गयी है इन्हें सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है |

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